Nepal Coup से पहले फिलीपींस, बांग्लादेश जैसे 6 देशों में तख्ता पलट का भयानक नजारा देखने को मिल चुका है, जिसमें सत्ताधारियों को बेइज्जत भरा दिन देखने पड़ा था।


Countries Where Coup Happened Like Nepal, 6 देशों में हुआ नेपाल जैसा सत्ता परिवर्तन
Contries Where Coup Happened Like Nepal: नेपाल में सोशल मीडिया बैन से ट्रिगर हुए Gen-Z ने कुछ और ही रूप ले लिया है। नेताओं को पीटा गया, उनके घर फूंक दिए गए और इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी को जिंदा जला दिया गया। संसद भवन से लेकर सरकारी घरों और सुप्रीम कोर्ट की बिल्डिंग तक आग के हवाले कर दी गई। इस दौरान मौजूदा प्रधानमंत्री केपी ओली किसी तरह अपनी जान बचाकर आसमान के रास्ते भागे। डर के मारे अपना ठिकाना सबसे छुपा कर रखा है। नेपाल से पहले दुनिया के कई और देशों में भी सत्ताधारियों को इस तरह का बेइज्जती वाला दिन देखना पड़ा है। जानें वो तख्ता पलट की शर्मनाक वाकये।
फिलीपींस में 1986 में 22 से 25 फरवरी तक बवाल चला था। उस दौरान जनता राष्ट्रपति फेडिनैंड मार्कोस के खिलाफ हुई थी। लोग मार्कोस के उस दावे पर भड़क गए थे जिसमें उन्होंने कहा था कि वो कोराजोन औक्विनो पर चुनाव जीते हैं। बवाल इतना बढ़ गया कि मार्कोस को पद छोड़कर देश छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा। इसके बाद उनके महल पर प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया था तब मार्कोस की विशाल संपत्ति का खुलासा हुआ और उस दौरान सबसे ज्यादा इमेल्डा मार्कोस के डिजाइनर जूतों के 3,000 जोड़े से भरा कमरा खूब विवादों में रहा था।
ट्यूनीशिया में 2011 में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। 2010 के दिसंबर में शुरू हुए बवाल के बाद 14 जनवरी 2011 को जनता की जीत हुई थी और राष्ट्रपति जीन अल-अबिदीन बेन अली पद और देश छोड़कर भाग गए थे।
Gen-Z Explainer: आलसी या दुनिया बदलने वाली पीढ़ी? ‘जूमर्स’ के वो कारनामे जिनसे हैरान रह गई दुनिया
22 फरवरी 2014 में यूक्रेन में भी तख्ता पलट हुआ था और राष्ट्रपति विक्टर एफ. यानुकोविच के आवासीय परिसर में प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर लिया था। उनकी 140 हेक्टेयर की संपत्ति पब्लिक के लिए मजाक बन गई थी। लोग सामान उठाकर ले जा रहे थे और राष्ट्रपति की लक्जरी स्पोर्ट्स कारों का कलेक्शन भी उजाड़ दिया गया था।
2018 में सूडान में 30 साल से राज कर रहे राष्ट्रपति उमर अल-बशीर को पद छोड़ने को मजबूर किया गया था। देश में आर्थिक संकट को लेकर उग्र प्रदर्शन हुआ था और इसका नतीजा ये हुए कि उमर अल-बशीर को 3 दशकों के शासन के बाद बेइज्जती झेलनी पड़ी थी। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप थे।
Explainer: नेपाल में Gen-Z प्रदर्शन ने खोले 3 विस्फोटक राज, जानें कैसे उधड़ गए ओली सरकार के धागे?
यमन में साल 2021 के 16 मार्च को प्रधानमंत्री मईन अब्दुल मलिक सईद और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों को निकाल दिया गया था। यमनी और सऊदी बलों द्वारा किए गए इस आंदोलन के बाद प्रदर्शनकारी माशिक स्थित राष्ट्रपति भवन में घुस गए थे और वहां खूब तोड़-फोड़ करते हुए गुस्सा निकाला था। लोगों का ये गुस्सा खराब सरकारी व्यवस्था और आम जनता की बदहाली को लेकर था।
Bangladesh की हॉरर स्टोरी
2024 बांग्लादेश में भी नेपाल जैसा नजारा देखने को मिला था, जिसमें सिविल सेवा नौकरियों में कोटा समाप्त को लेकर महीने से चल रहे प्रदर्शन के बाद शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा था। इसके बाद उपद्रवियों ने सीमाएं लांघते हुए प्रधानमंत्री का पर्सनल सामान चुराया और उनके अंडरगार्मेंट्स तक हवा में लहराए गए।