
Leading Bharat World: नेपाल में ओली सरकार पर भारी संकट छाया हुआ है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के एक फैसले मे पूरा देश हिलाकर रख दिया। ये फैसला 26 सोशल मीडिया ऐप बैन करने को लेकर था, जिसके खिलाफ एक पूरी जेनेरेशन ही उतर आई। सोशल मीडिया बैन के खिलाफ Gen-Z हाथ में बैनर्स, आवाज में बगावत और आंखों में आग लेकर उग्र प्रदर्शन करते नजर आए। युवाओं के इस आंदोलन में 19 लोगों की मौत और सैंकड़ों घायल होने के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया और गृह मंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया लेकिन तब तक ओली सरकार के 3 विस्फोटक राज खुल चुके थे।
Gen Z Protest का सबसे बड़ा चेहरा कौन?
इस प्रदर्शन का सबसे बड़ा चेहरा बनकर एक बार फिर से हिंदू नेता दुर्गा प्रसाई उभरे, जो पहले भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। दुर्गा प्रसाई ने इसी साल जून महीने में लोकतंत्र हटाने और राजतंत्र लाने को लेकर जमकर प्रोटेस्ट मार्च किया था, जिसके बाद उन पर राजद्रोह का आरोप लगा और गिरफ्तारी भी हुई। प्रसाई कुछ हफ्ते पहले ही जमानत पर बाहर आए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि ये कथित Gen-Z प्रदर्शन उन्होंने ही लीड किया है।
Oli Government की अंदरूनी कलह
इसके अलावा प्रदर्शन में रूलिंग पार्टी की अंदरूनी कलह भी खुल कर सामने आई है। काफी समय से स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ओली सरकार की पार्टी CPN-UML और सहयोगी नेपाली कांग्रेस पार्टी दोनों ही केपी ओली से उखड़ी हुई है। अंदर ही अंदर तख्तापलट की साजिश चल रही है और ये प्रदर्शन उसी का हिस्सा भी हो सकता है।
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PM Oli के खिलाफ पहले से दबा था गुस्सा
दावा ये भी किया जा रहा है कि सोशल मीडिया बैन के खिलाफ ये प्रदर्शन असल में जनता का दबा हुआ गुस्सा है, जो अब फूटा है। नेपाल में भ्रष्टाचार जड़ें फैला चुका है, जिसे लेकर सरकार से बार-बार कदम उठाने की मांग की जा चुकी है। हाल ही में हुई प्रदर्शन के दौरान भी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और प्रदर्शनकारी हाथों में ऐसे बैनर लिए नारे लगाते दिखाई दिए।



